लोकतंत्र पर हमला है  बैंगलूरू में मंत्रियों के साथ मारपीट और गिरफ्तारी : माकपा

● बैंगलूरू में विधायकों से मिलने पहुंचे मध्यप्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के साथ कर्नाटक पुलिस और पुलिस के साथ भाजपा के अपराधी तत्वों द्धारा की गई मारपीट व गिरफ्तारी निंदनीय ही नहीं, चिंताजनक भी है। यह संसदीय लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।
● मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि इस घटना से भातरीय जनता पार्टी का डर और संस्कार दोनो ही उजागर होते हैं। संसदीय लोकतंत्र में एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचा मंत्री राजकीय मेहमान होता है। मगर कर्नाटक की भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश के दो मंत्रियों के साथ मारपीट कर न केवल अपने संस्कारों को उजागर किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि भारतीय संस्कृति की स्वंयभू ठेकेदार अतिथि देवोभव: की परंपरा में कोई विश्वास नहीं है। भाजपा के संस्कार इससे भी उजागर हो जाते हैं कि वे एक विधायक के बुजुर्ग पिता को न केवल उसके बेटे से मिलने से रोकती है, बल्कि मारपीट भी करती है।
● माकपा नेता ने कहा है कि हर फासीवादी को लोकतंत्र से डर लगता है। भाजपा भी वही साबित कर रही है। एक ओर वे इन विधायकों को चार्टर विमान से बैंगलूरू भेजती है। एक ही व्यक्ति और एक ही भाषा में लिखे उनके इस्तीफे राज्यपाल तक पहुंचाती है, मगर विधायक का पिता अपने बेटे से मिलने पहुंचता है तो उसके साथ मारपीट करती है। जिससे जाहिर हो जाता है कि विधायक अपनी मर्जी से नहीं हैं, बल्कि उनको बंधक बनाकर रखा गया है। 
● लोकतंत्र में भाजपा की आस्था तो इससे भी संदेह के घेरे में आ जाती है कि वह अपने विधायकों को भी  बंधक बनाकर रखे हुए है। अपने ही निर्वाचित प्रतिनिधियों पर अविश्वास करने वाली पार्टी लोकतांत्रिक कैसे हो सकती है। लोकतंत्र को बंधक बनाने वाली भाजपा का असली चेहरा इस घटना से बनकाब हुआ है। 
● जसविंदर सिंह ने कर्नाटक में प्रदेश के मंत्रियों के साथ हुई मारपीट की निंदा की है और प्रदेश के हर अभिमानी और लोकतांत्रिक नागरिक से इसका विरोध करने की अपील की है।