आम हड़ताल के समर्थन में वामदलों ने जुलूस निकालकर किया चक्काजाम-सभा






* समस्तीपुर 26 नवंबर '20

रोजी-रोटी, सामाजिक सुरक्षा-सम्मान की गारंटी करने, बेरोजगारी, मंदी, छटनी, महंगाई पर रोक लगाने, समान काम के बदले समान वेतन देने, स्कीम वर्करों को श्रमिक का दर्जा देने, किसान विरोधी तीनों काला कानून वापस लेने, जनविरोधी बिजली बिल वापस लेने, निर्माण मजदूरों का निबंधन करने, लॉकडाउन भत्ता देने, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का कर्ज माफ करने, फुटपाथी दुकानदारों के लिए सरकारी दुकान की व्यवस्था करने, गुलामी के चार लेबर कोर्ड कानून को रद्द करने, पहले के अनुसार 8 घंटे काम की गारंटी करने, मनरेगा को मजबूत बनाने, 200 दिन काम की गारंटी करने, प्रवासी मजदूरों को काम देने, 10 हजार रू० प्रतिमाह भत्ता देने, 10 हजार रू० न्यूनतम मासिक मजदूरी देने, 10 हजार रू० मासिक पेंशन देने, निजीकरण पर रोक लगाने, राष्ट्रीय संपत्ति बेचने आदि मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय आम हड़ताल के अवसर पर गुरूवार को भाकपा माले के द्वारा मालगोदाम चौक से जुलूस निकाला गया. जुलूस स्टेशन चौक पहुंचकर माकपा, भाकपा के जुलूस में शामिल हो गया. जुलूस नारेबाजी करते हुए बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर ओवरब्रिज चौराहा पहुंचकर मुख्यमार्ग को जाम कर दिया. घंटो जाम के कारण शहर के विभिन्न सड़कों पर जाम का नजारा हो गया. वहीं पर एक सभा का आयोजन किया गया. सभा की अध्यक्षता रधुनाथ राय, जीबछ पासवान, सुधीर देव ने किया तथा माकपा के रामाश्रय महतो, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यनारायण सिंह, रामसागर पासवान, रामसागर पासवान, उपेंद्र राय, एसएमए ईमाम, रामप्रकाश यादव, पुनम कुमारी, कुंवर प्रसाद सहनी, भाकपा के सुरेन्द्र कुमार मुन्ना, प्रयाग चंद मुखिया, रामविलास शर्मा, शत्रुओं पंजी, महेश कुमार, भाकपा माले के प्रो० उमेश कुमार, बंदना सिंह, उपेंद्र राय, सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, फूल बाबू सिंह, अमित कुमार, सुनील कुमार, महेश कुमार, मनीषा कुमारी, अमित कुमार, राम कुमार, रामचंद्र पासवान, खुर्शीद खैर, रंजीत राम आदि ने सभा को संबोधित किया. नगर थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद जाम हटाया गया. वक्ताओं ने आम हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बताते हुए इसके लिए समस्तीपुरवासियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया.