फायर सेेफ्टी कालेज के विरूद्ध एफ.आई.आर.दर्ज करने की मांग

                                                  ओबीसी महासभा ने सौंपा ज्ञापन


                              छात्रों के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी डिप्लोमा दिया जा रहा है


छिंदवाड़ा -  अखिल भारतीय ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष दीपक बंदेवार के नेतृत्व में जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक महोदय से एक प्रतिनिधि मंडल ने भेंट कर टोल प्लाजा के पास स्थित गांगीवाड़ा में चल रहे फायर सेफ्टी कालेज के विरूद्ध आज 3 अक्टूबर दिन शनिवार को एक ज्ञापन सौंपकर एफ.आई.आर. दर्ज करने की मांग की है । बंदेवार ने बताया कि फायर सेफ्टी कालेज के संचालक शुभम काले पिता श्री राजेश काले जो कि रावनवाड़ा, परासिया जिला छिंदवाड़ा द्वारा छिंदवाड़ा जिले में विगत् कई वर्षो से जिले सहित आसपास के जिलों के छात्रों को फायर सेफ्टी का कोर्स करवाया जा रहा है, और इनके द्वारा पूर्व में नागपुर स्थित संस्था एन.ए.एफ.एस का डिप्लोमा छात्रों को दिया जाता था, चूंकि उस समय इनके पास इस संस्था की फ्रेन्चायसी थी, परंतु जो कि मात्र 2018-19 तक ही थी जो कि अब समाप्त हो चुकी है । इस संस्था के संचालक शुभम काले द्वारा वर्ष 2019-20 में इस कोर्स को करवाने हेतु छिंदवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के  16 छात्रों को प्रवेश दिया गया है,  और इस 1 वर्षीय कोर्स को पूर्ण कराने के लिये प्रत्येक छात्र से 50-60 हजार रूपये की वसूली यह बताकर की गई कि आपको डिप्लोमा पूर्ण होने के बाद एन.ए.एफ.एस जो कि भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था है का डिप्लोमा दिया जायेगा ।  इन समस्त  छात्रों का जब एक वर्षीय डिप्लोमा पूर्ण हो गया तो कालेज संचालक द्वारा  सरदार पटेल विश्वविद्यालय बालाघाट का डिप्लोमा दिया जा रहा है, जबकि इन्होनें छात्रों को प्रवेश देते समय एन.ए.एफ.एस का डिप्लोमा देने की बात कही थी । इस बात की जानकारी छात्रों को  लगने एवं उनके साथ संस्था संचालक  द्वारा  की  जा रही धोखाधड़ी की बात सामने आने पर दीपक बंदेवार द्वारा संस्था संचालक सुशांत मेश्राम नागपुर जिनके द्वारा इन्हे फ्रेंचायसी दी गयी थी से संपर्क करने पर बताया कि इनकी फ्रेंन्चाईसी पूर्व में ही समाप्त हो चुुकी है और छिंदवाड़ा की संस्था के छात्रों का कोई डाटा हमारे पास नहीं है, इस संबंध में लिखित पत्र प्रेषित किया । इसके पूर्व में भी दिनांक 22.09.2020 को  जिला  कलेक्टर  को ज्ञापन सौंपा, 26.09.2020 थाना प्रभारी परासिया को शिकायत कर कार्यवाही की मांग की थी परंतुु कोई कार्यवाही नहीं की गई । इस बात की जानकारी एन.ए.एफ.एस संस्था को लगने पर उनके द्वारा हमें बताया कि हमारे यहाॅ इन 16 लोगों छात्रों का कोई नाम नहीं आया है और न ही हमारे द्वारा वर्ष 2019-20 में इनका रजिस्ट्रेशन करवाया गया है और जहाॅ तक फ्रेन्चाईसी का  प्रश्न  उठता है तो 2018-19 तक थी जो कि अब समाप्त हो गई है । जब कालेज संचालक पर दबाव डाला गया तो इनके द्वारा इन 16 छात्रों को एन.ए.एफ.एस  का डिप्लोमा दिया जा रहा है, जब छात्रों द्वारा एन.एफ.एस.एस.सी.  के बारे में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि एन.एफ.एस.एस.सी.  जो है, वह एन.ए.एफ.एस.के जैसे ही दिखाई देने वाली बेबसाईट है । जिसको एन.एफ.एस.एस.सी.  ने बना रखी है, और अब छात्रों को एन.एफ.एस.एस.सी. की फर्जी अंकसूची व डिप्लोमा दिये जाने की बात कही जा रही है । जबकि संस्था द्वारा छात्रों को एन.ए.एफ.एस.  का डिप्लोमा देने  की बात कहकर  लगभग 16 छात्रों  से 6-7 लाख रूपये की अवैध रूप से वसूली की और यही सोचकर छात्रों ने इस संस्था में प्रवेश लिया कि हमें भविष्य में एन.ए.एफ.एस.  का डिप्लोमा मिलेगा तो हमें किसी भी संस्थान में रोजगार मिल सकता है, परंतु संस्था संचालक ने इन छात्रों के साथ धोखाधड़ी की और फर्जी डिप्लोमा देने की बात कहीं जिसकी कोई मान्यता ही नहीं है । ज्ञात हो कि संस्था संचालक शुभम काले के द्वारा इस संस्था के नाम से मिलती जुलती बेवसाईड बनाये जाने एवं बच्चों से एन.ए.एफ.एस. कालेज के नाम से ॅफीस की वसूली किये जाकर धोखाधड़ी करने का मामला पूर्व से ही नागपुर पुलिस थाने एवं न्यायालय में विचाराधीन है । इतना ही नहीं संस्था संचालक द्वारा एन.ए.एफ.एस.की फ्रेन्चायसी समाप्त होने के बाद भी छात्रों को इसी संस्था की रसीद, प्रवेश शुल्क एवं कोटेशन दिया गया । कालेज संचालक द्वारा बालाघाट की यूनिवर्सिटी सरदार पटेल द्वारा डिप्लोमा प्रदान करने की जो बात कही गई है, वह बात बिल्कुल झूठी है, क्योंकि सरदार पटेल यूनिवर्सिटी का संबंध एन.ए.एफ.एस. से है और जिसकी मान्यता संस्था संचालक के पास नहीं है । इस तरह से संस्था संचालक द्वारा जिले के बेरोजगार  एवं  आर्थिक रूप  से कमजोर  वर्ग  के छात्रों के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी डिप्लोमा दिया जा रहा है । इसके पूर्व भी थाना प्रभारी को शिकायत करने के बाद जब संस्था संचालक के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई तो छात्रों ने दीपक बंदेवार के नेतृत्व में आज पुनः कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक महोदय से संस्था संचालक की योग्यता एवं डिग्री की जांच करने की मांग की ताकि बेरोजगार छात्रों से इस तरह से फर्जी तरीके से लाखों रूपये की राशि  वसूल  कर  एवं  उन्हे गुमराह करने वाले लोगों को लगाम लग सके । साथ ही इनके विरूद्ध जिले के बेरोजगार छात्रों के साथ की गई धोखाधड़ी की एफ.आई.आर. दर्ज कर आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाने एवं समस्त छात्रों से लाखों रूपये की वसूली गई राशि वापस करने की मांग की । इस अवसर विधान सभा अध्यक्ष अखिल सुर्यवंशी, नगर अध्यक्ष राहुल पाल एवं कालेज के छात्र शैलेन्द्र युवनाती, विवेक यादव, विनय पवार, सतीश विश्वकर्मा, राजकुमार इरपाची, नितेश बरकड़े, यावर खान, साहिल दीप, विशाल मेंहगिया, चन्द्रकुमार साहू , अंकुर साहू, जितेन्द्र धुर्वे  सचिन साहू , रूपेश साहू , शशिजीत सोनेकर सहित अन्य छात्र उपस्थित थे ।