किसान संघर्ष समिति की 270 वी किसान महापंचायत गूगल मीट पर संपन्न हुई

सरकार गेंहूँ का उचित भंडारण न कर गेंहूँ को सड़ाकर शराब माफिया को लाभ पंहुचा रही है


समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद सुनिश्चित करे सरकार 


तीनो किसान विरोधी अध्यादेशों  पुरजोर विरोध करेंगे किसान संगठन 


 किसानों ने कहा विदेशों से मक्का आयात करने के कारण मक्का आधे दाम पर खरीदा जा रहा है 


किसान संघर्ष समिति द्वारा की जाने वाली माहवार  किसान पंचायत आज गूगल मीट पर जगदीश दोड़के की अध्य्क्षता में सम्पन्न हुई ।


    पूर्व विधायक एवम कार्यकारी अध्य्क्ष  डॉ सुनीलम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि लॉकडाउन के चलते 270 वी किसान पंचायत गूगल मीट के माध्यम से की जा रही है । सरकार ने 3 जून को घोषणा की थी कि उसने किसानों को कृषि उत्पाद बेचने स्वतंत्र कर दिया है  लेकिन इस बात का कोई प्रावधान नहीं  किया कि किसान कृषि उत्पाद को समर्थन मूल्य पर  अपना माल बेच सकेंगे।
। किसानों के लिए यदि यातायात निशुल्क करने की घोषणा कर दी गई होती तब छोटा किसान भी इसका लाभ ले सकता है । 
दूसरा कानून भी किसान विरोधी है ।दलहन तिलहन आलू प्याज को अति आवश्यक वस्तुओं से हटाने के कारण कालाबाजारी बढ़ना तय है ।उन्होंने कहा कि विद्युत संशोधन बिल के परिणाम स्वरूप बिजली का पूरी तरह निजीकरण हो जाएगा और सभी तरह की सब्सिडी समाप्त हो जाएगी।
डॉ सुनीलम ने कहा किसान विरोधी तीनो अध्यादेशों का सभी संगठनों के साथ मिलकर पुरजोर विरोध करेंगे।


 किसंस की प्रदेश उपाध्यक्ष एड.आराधना भार्गव ने मक्का की कीमत में गिरावट पर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विदेशों से मक्का आयात करने से हमारा मक्का आधे दाम पर खरीदा जा रहा है । सरकार गेंहूँ का उचित भंडारण न कर गेंहूँ को सड़ाकर शराब माफिया को लाभ पंहुचा रही है। लॉकडाउन में बिना बीपीएल कार्ड धारियों को भी सरकार द्वारा राशन उप्लब्ध कराया जाना चाहिए था ।
उन्होंने कहा कि दुध उत्पादक किसानों को 10 रू प्रति लिटर सब्सिडी दिया जाना चाहिए।


 मंदसौर से किसंस के  जिलाध्यक्ष दिलीप  पाटीदार ने बताया कि किसानों को 2018-19 में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसल का मुआवजा नहीं  मिला है । किसानों को सोसायटी से मिलने वाला सोयाबीन का बीज और खाद अभी तक नही मिला है । पिपलिया मंडी में  व्यापारी गेहूँ 1600 रू,चना 3800 रू तथा सोयाबीन 3500 के भाव से खरीदा जा रहा है ,जो कि समर्थन मूल्य से बहुत कम है ।


किसंस के जिलाध्यक्ष जगदीश दौड़के ने कहा कि बोवनी का समय नजदीक आने के बावजूद किसानों को खाद एवं बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कीटनाशक का दाम कई गुना बढ़ गया है ।सरकार द्वारा यह घोषणा की गई है कि सरकार समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद नहीं करेगी केवल बोनस देगी जबकि सरकार को लागत से डेढ़ गुना राशि के समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी सुनिश्चित करनी चाहिए । उन्होंने कहा कि मंडी में फसलों के  समर्थन मूल्य को दर्शाया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि  मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। कार्पोरेट को लाखों करोड़ रुपए दे दिया ,कर्मचारियों को पूरा वेतन दे दिया गया लेकिन किसान जिसकी सब्जी सड़ गई तथा जिसे अपनी फसल का दाम भी नहीं मिला उसे सरकार ने सम्मान निधि के नाम पर 3 महीने में  मात्र ₹2000 रू दिया गया ।यह के साथ सरकार की ज्यादती है।
 कमलनाथ सरकार द्वारा 2 लाख रू. का कर्ज माफी की घोषणा की गई थी लेकिन जिन किसानों की सूची में नाम आए तथा जिन्हें कर्ज माफी के प्रमाण पत्र मिले उनका भी कर्ज माफ नहीं हुआ और उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया गया ।


भागवत परिहार ने बताया कल रात्रि 8 बजे जगदीश दोड़के किसानों को बोबनी सम्बन्धी तकनीकी सलाह देने के लिए ऑनलाइन होँगे। 25 जून को रात्रि 8 बजे किसान संघर्ष समिति द्वारा 271 वीं किसान पंचायत की  जाएगी।


गूगल मीट में विभिन्न जिलों के प्रदेश पदाधिकारियों ने भाग लिया।