अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 

पूरे विश्व में हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। नोबल नर्सिंग सेवा की शुरूआत करने वालीं फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के जन्मदिन पर दुनिया भर की नर्सों को यह दिन समर्पित है। मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुए बिना भेदभाव के हर मरीज की सेवा करना ही नर्स का काम होता है। नर्सिंग दुनिया भर में स्वास्थ्य रखरखाव से संबंधित सबसे बड़ा पेशा है। लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में नर्सों का बड़ा योगदान होता है। 


इस वक्त जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है तो स्वास्थ्यकर्मी ही एक मजबूत दीवार बनकर खड़े हुए हैं। दिनरात बिना अपनी परवाह किए स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। डॉक्टर के सुझाव पर सभी बड़े अस्पताल में काम करने वाली नर्सें मरीजों की देखभाल कर रही हैं और उनके अंदर इस भावना को भी जगा रही हैं कि वह इस महामारी से जल्द ठीक हो जाएंगे।


कोरोना के कहर के बीच स्वास्थ्यकर्मी लगातार ड्यूटी कर रह हैं। खासकर नर्सें अपने घर-परिवार से दूर, बच्चों को बिना देखे 15-15 दिन अस्पताल में काम कर रही हैं। ऐसी ही एक नर्स ने अपनी दिल की बात साझा की। गोरखपुर की बीआरडी कॉलेज में तैनात एक नर्स ने बताया कि वह 24 अप्रैल से 9 मई तक आइसोलेशन वॉर्ड में ड्यूटी कर रही थीं।


उन्होंने कहा कि इन 15 दिनों में कोरोना हमसे सिर्फ कुछ कदम की दूरी पर था। ऐसा लगता था कि वह कभी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं, लेकिन फिर भी फर्ज सबसे ऊपर था। घर पर दो छोटे-छोटे बच्चे उनके आने का इंतजार करते रहते थे। फिर भी उन्होंने परिवार से ऊपर अपना पेशा रखा और मरीजों की दिनरात सेवा की l