उपवास पर बैठे पत्रकार नचिकेता देसाई से भी डर गई सरकार जबरन उठाकर थाना ले गयी पुलिस

अहमदाबाद एनआरसी के विरोध में महादेव देसाई के पत्रकार पौत्र नचिकेता देसाई आज सुबह साबरमती आश्रम में १२ घंटे के उपवास पर बैठे थे। पहले उंन्हें आश्रम परिसर से जबरन हटाया गया, फिर पुलिस उन्हें थाने पर ले गई।
गांधी के देश में अब उनके प्रिय हथियार -उपवास-के प्रयोग पर भी सरकार की कुदृष्टि पड़ चुकी है।


अहमदाबाद- के साबरमती आश्रम में पुलिस की हिंसा के खिलाफ उपवास बैठे वरिष्ठ पत्रकार नचिकेता देसाई को पहले आश्रम से बाहर करना और फिर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाने का पूरा वाकया यह बताता है कि देश के दोनों 'परम प्रतापी' नेता और उनके आशीर्वाद से गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर बैठे विजय रुपानी किस कदर राजनीतिक असुरक्षा बोध से ग्रस्त हैं कि वे गांधी के प्रिय हथियार उपवास से भी डरने लगे हैं।


संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी का शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर देश भर में पुलिस द्वारा की गई हिंसा के विरोध में वरिष्ठ पत्रकार नचिकेता देसाई आज अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में उपवास पर बैठे थे। पहले तो आश्रम के गांधीद्रोही ट्रस्टियों ने अपनी कायरता और सरकार-भक्ति का परिचय देते हुए नचिकेता देसाई को आश्रम परिसर से हटाया और जब वे आश्रम के बाहर उपवास पर बैठ गए तो वहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।


उल्लेखनीय है कि नचिकेता देसाई महात्मा गांधी के निजी सचिव रहे महादेव भाई देसाई के पौत्र और गांधी कथाकार नारायण भाई देसाई पुत्र हैं। वे देश के कई शहरों में रहते हुए बडे और प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में काम कर चुके हैं और इस समय अहमदाबाद में ही रहते हैं।