आपके भीतर का लोकतांत्रिक चरित्र ख़त्म किया जा चुका है।

NEET, JEE, SSC, Railway NTPC, Alp सहित जवानों सुनो



डिसलाइक बटन दबाकर मुझे झाँसा न दें। आपके भीतर का लोकतांत्रिक चरित्र ख़त्म किया जा चुका है। इतना कि मेरा यह शो देखने के बाद आपने तारीफ़ तो की मगर जो मैं कहना चाहता था उसका ज़िक्र तक नहीं किया। आपको सिर्फ़ एक छवि दिखी। आपके मुद्दे की छवि और लगे रवीश कुमार की तारीफ़ करने। जो बातें मैंने कहीं वो आपने आसानी से टाल दी। मैं ये खेल जानता हूँ दोस्तों। भारत का बड़ा से बड़ा नेता यह बात नहीं बोल सकता लेकिन मैं कहता हूँ । पहले भी कहा है। मैं सांप्रदायिक और धार्मिक रूप से उन्मादी जवानों का हीरो नहीं बनना चाहता। मुझे उनकी गाली ठीक मगर ताली पसंद नहीं। आप अपने ट्विटर के ट्रेंड को अपने पास रखें । हो सके तो बहुत मेहनत से तैयार इस शो को ध्यान से देखें। सुनें और समझें । मुझे आप नौजवानों से ज़ीरो उम्मीद है। मैं अपनी नियति की सज़ा काट रहा हूँ। यही कि जो गाली देगा, जो चुप होकर देखेगा कि मुझे गाली दी जा रही है, मेरी माँ बहनों को गाली देगा, मुझे मारने की बात करेगा, मुझ पर थूकेगा, मुझे उसी की सेवा करनी है। मगर उसी नियति ने मुझे एक दिमाग़ भी दिया है जो आपके इस खेल को समझता है। इसलिए कहता हूँ कि अपनी तारीफ़ अपने पास रखें। आप नौजवानों ने इस खूबसूरत मुल्क के माहौल को बर्बाद किया है। उस खेल में आप भी शामिल थे। ये याद रखिएगा।


ravish kumar