अभागा मध्यप्रदेश


मध्यप्रदेश एक ऐसा अभागा राज्य है जहां इस संकट के समय में हमें दिलासा देने वाला कोई रहनुमा नहीं हैं l सत्ता परिवर्तन का पूरा नाटक इसी कालखंड में खेला गया l सरकार गिराने का जश्न भी मनाया गया और सरकार गिरने का मातम भी l 


कई राज्यो के मुख्यमंत्रियों ने कोरोना संकट को देखते हुए आम जनता विशेषकर मेहनत मजदूरी करने वालों के लिए कई तरह की राहत की घोषणा की है l स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष बजट का एलान किया है l मुफ्त सेनेटाइजर और मास्क वितरण का काम शुरू किया है l राज्य सरकारें खाद्य समाग्री ,सब्जी दूध ,दवाई आदि की उपलब्धता का आश्वासन देकर  नागरिकों की घबराहट कम कर रही है l


लेकिन मध्यप्रदेश में निर्णय लेने वाली कोई सरकार है ही नहीं इसलिये ऐसी किसी घोषणा के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता l मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य मंत्री महाराज की सेवा के लिए 22 बागियों को लेकर बैंगलौर के में जमा रहा और सरकार गिरने के बाद ही वापस लौटा है l
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है l कोरोना जैसी महामारी से निपटने की कोई तैयारी नहीं है l किसी सरकारी अस्पताल में जाकर यह स्थिति आप स्वयं देख सकते हैं l
(गोपाल राठी, पिपरिया)