‘राष्ट्रवाद एक बचकानी चीज है और मानव जाति के लिए यह खसरा बीमारी जैसी है.-अल्बर्ट आइंस्टीन

अल्बर्ट आइंस्टीन ने
हिटलर के बारे में कहा था,
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"हिटलर के रूप में हमारे सामने सीमित बौद्धिक क्षमताओं वाला एक ऐसा आदमी है जो कोई भी उपयोगी कार्य करने में सक्षम नहीं है और उन सभी के प्रति ईर्ष्या और दुश्मनी रखता है जिन्हें परिस्थिति व प्रकृति ने उससे बेहतर बनाया है. उसने सडकों और शराबखानों से आवारा आदमियों को पकड़ा और उन्हें अपने गिर्द इकट्ठा किया. वह इसी तरह राजनेता बना है."



हिटलर तो मात्र एक प्रतीक है.ये पंक्तियां दुनिया के उन तमाम तानाशाहों पर लागू होती है .आज हम भारत में एक ऐसा संस्करण हम देख रहे हैं. ये पाखंडी जो दिन रात राष्ट्रवाद का जप करते हैं जिसका मूल सार है एक समुदाय के प्रति नफरत और घृणा.


आइंस्टीन ने कहा था,
‘राष्ट्रवाद एक बचकानी चीज है और मानव जाति के लिए यह खसरा बीमारी जैसी है.


Sunil Singh